2019 KI DIWALI - SHORT STORY IN HINDI

DIWALI - SHORT STORY IN HINDI

DIWALI STORIES

राजू एक दिन अपने मोहल्ले के दोस्तों के साथ खेल रहा था
सब दोस्त मिलकर सबसे प्रसिद्ध और भारत के हर बच्चे ने जो खेला है वो खेल रहा था जी में क्रिकेट की बात कर रहा हु
कई देर क्रिकेट खेलने के बाद विवेक की मम्मी ने उन्हें घर की बालकनी में से आवाज लगाई

"विवेक चल अभी बहोत खेल लिया , चल दिवाली की शॉपिंग करने जाना है"

विवेक एक ही लड़का था जिसके पास बेट,बॉल और स्टंप्स थे तो ये स्वाभाविक हे की अगर वो चला गया तो क्रिकेट खेलना भी समाप्त.
फिर सब बच्चे अपने- अपने घर के लिए निकल पड़े



चलते चलते सब बात कर रहे थे. पार्थ सबसे कहने लगा,"इस बार तो में रेलगाड़ी वाले पटाखे लूंगा" सब बच्चे ये बात सुनकर चकित हो गए क्योंकि किसीने ये वाले पटाखे के बारे में नहीं सुना था
विवेक ने बड़े उत्साह से उनको बताया की उसमे क्या क्या होता है

बाद में राजू बोलै " इस दिवाली आपके घर कोण से भगवन आने वाले है?"

"भगवान् मतलब ???? दिवाली में तो कोई भगवान् नहीं आते !!!"

राजू ने कई देर तक सोचने के बाद उसने सवाल किया

"तो तुम दिवाली कैसे मानते हो???"

सब बच्चे एक साथ बोलने लगे बहुत सौर मच गया तो राजू ने सबको शांत करा विवेक को बोलने को कहा

विवेक आगे बढ़ा अपने हाथ में जो बेट था वो पार्थ के हाथ में पकड़ाया और ऐसे राजू के पास आया की जैसे पुरे भारत का प्रतिनिधित्व करते हुवे राजू को दिवाली बारे में समजाता हे.
विवेक ने बोलना सरु किया "हम दिवाली के दिन नए कपडे पहनते हे,स्वादिस्ट पकवान बनाते हे ,पूजा करते हे और रात को पटाखे जलाते हे और सो जाते हे"
राजू बोलै "बस??"
विवेक अपने उंगलियो की मदद से साडी चीजे गिनने लगा अचानक बोलै " और है, मिठाई भी खाते हे और दुसरो के घर भी जाते है"

ये सुनने के बाद राजू अपने घर की और दौड़ा सब बच्चे उसके पीछे दौड़े, घर पे जाके वो अपनी मम्मी के पास गया जो अभी रसोई घर में थी, राजू ने कहा,"मम्मी मुझे  एक बात पूछनी थी" मम्मी ने जवाब नहीं दिया. वो कह रही थी बेटा अभी नहीं मुझे बहुत सारा काम है!!



राजू ने सीधा बोलना चालू कर दिया वो बोला," मम्मी हमारे घर दिवाली के दिन भगवान् नहीं आते?"

ये सुनकर राजू की मम्मी चकित हो गयी और झुककर राजू के माथे पर हाथ फेरती हुयी बोली ,"

बेटा, ऐसा क्यों बोल रहे हो? भगवान् मतलब?"

राजू थोड़ी देर शांत रहने के बाद बोला,"माँ जब में अनाथ आश्रम में था जब आप मुझे यहाँ नहीं लेकर आये थे तब दिवाली के दिन अनाथाश्रम में हमारे साथ दिवाली मानाने के लिए कुछ लोग आते , वो अपने साथ मिठाईया लाते , पटाखे लाते और दिवाली हमारे साथ मानते! हम सारे अनाथ खुश हो जाते..
जब मेने एक दिन हमारे माली को पूछा की वो लोग कोण है? तब उन्होंने बताया की वो भगवान् भेजे हुए लोग है"
मेने उनसे पूछा " भगवान् के भेजे हुए मतलब?"
तब उन्होंने मुझे समझाया की," भगवान् तो हर जगह मौजूद नहीं रह सकते तो सब के साथ दिवाली नहीं मना सकते तो उन्होंने अपने कुछ चुने हुए लोगो को आपके पास भेजता हे और वो आपके साथ दिवाली मनाते हे."

"अच्छा!" तो वो लोग भी भगवान् ही हुए ना?" राजू ने माली को कहा

माली ने बिना कुछ बोले सिर्फ अपने गर्दन की मदद से "है" में सर हिलाया

ये सारि बात सुनकर राजू की मम्मी की आँखों से आंसू आ गए  और उन्होंने राजू को सोफे पर बिठाया
कई देर तक उसका मासूम चेहरा देखती रही और सोच रही थी के उसे क्या जवाब दे


सोचने के बाद उन्होंने कहा ," बेटा हमारे घर कोई भगवान् के चुने हुए लोग नहीं आएंगे बल्कि हम भगवन के लोग बन कर के जायेंगे और खुशिया बाटेंगे !!"


ये सुनकर तो जैसे राजू पागल ही हो गया उछलने लगा और बोलने लगा की " ये ...... में भी भगवान् के चुने हुए लोगो में से बनुगा ये...."

में अभी ये बात मेरे सभी दोस्तों को बताने जा रहा हु!"
और वो ये कह हर चला गया.

" ये हम सब जानते हे की "दिवाली" का त्यौहार हमें सबके साथ मनाना चाहिए. लेकिन उन लोगोके बारे में सोच कर देखिये जिनका कोई नहीं है वो किनके साथ दिवाली मनाएंगे?"

ये 2019 की दिवाली में भी सब बच्चे अपने भगवान् का इंतजार कर रहे होंगे, तो मेरी आपसे यह गुजारिस है ये दिवाली आप उन लोगो के साथ मनाये जिनका कोई नहीं."
आप का ये एक कदम कई सारे लोगो को खुशिया दे सकता है.!!


हम रोज सुबह आपको प्रोत्साहित करने के लिए ऐसी ही एक छोटी सी कहानी लेट हे अगर आप भी वो कहानी पढ़कर रोज सुबह प्रोत्साहित होना चाहते हो तो "8980562295" पर WHATSAPP करे और लिखे "YES I WANT IT"