GOOD MORNING STORIES WITH KNOWLEDGE


"GOOD MORNING DEAR"
15TH,SEPTEMBER
SUNDAY




आपको यह मैसेज भेजने वाले की और से आपको "शु-प्रभात" और वह आशा रखते हे की आपका दिन मंगलमय रहे और आज के दिन चारोऔर से खुशिया आपको ढूंढती हुई आये। 

हम एक नए तरीके से सब लोगो को "GOOD MORNING" कहने की कोशिश कर रहे हे जिससे आप हस सकते हे, ज्ञान प्राप्त कर सकते हे और एक छोटी सी कहानी पढ़ कर प्रोत्साहित हो सकते हे।
कृपया इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए ज्ञान प्राप्त कीजिये और सब तक यह ज्ञान सुभेच्छा के तौर पर भेजने के लिए इसे जरूर आगे "SHARE" करे धन्यवाद् ।


JOKES :-

1    1. एक बार बेटा दारू पि कर घर लौटा।

बापू की डांट से बचने के लिए वो लैपटॉप खोल के बैठ गया और पढ़ने लगा बाप घर लौटा और बोला

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"आज फिर पि कर आया हे क्या"?

बेटा: "नहीं तो पापा"।

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बाप: "तो सूटकेस खोल के क्यों बैठा हे?"
                                     


2      2.एक शराबी छत पर से निचे गिर गया
सब लोग आए और पूछने लगे के "क्या हुआ"?
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शराबी : "पता नहीं भाई...में भी जस्ट अभी निचे आया हूँ"।
                                   

3    3.  दो चूहे पेड़ पर बैठे थे,
निचे से एक हाथी गुजरा एक चूहा हाथी पर गिर गया।

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तभी दूसरा चूहा बोला, "दबा कर रख साले को, में भी आता हूँ"।

MARKET :-

GOLD
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USD/INR     
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SENSEX 
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NIFTY 50     
11075.90 


PAHELI :-

राजू अपने खाली बर्तन ले कर के चौराहे पर खड़ा था तभी राजू का दोस्त काजू वहा से निकला उसके हाथ में बड़ा सा केन था वह राजू के पास आया और कहने लगा
"राजू, मुझे इसमें से एक लीटर दूध अलग करना हे, मेरी मदद कर और इसमें से एक लीटर दूध अलग कर के मुझे दे।"
राजू हैरान हो गया क्यूंकि उसके पास एक लीटर दूध नाप ने के लिए कुछ भी नहीं था उसके पास जो दो बर्तन थे वह एक 5 लीटर का था और दूसरा 3 लीटर का था थोड़ी देर तक सोचने के बाद राजू ने अपने दोस्त काजू का काम कर दिया।

अब आप सोचिये राजू ने किस तरह से एक लीटर दूध नापा होगा वोभी सिर्फ उन दोनों बर्तन की मदद से।
इस पहेली का जवाब आपको कल के "GOOD MORNING STORY" में मिल जायेगा. 


CURRENT KNOWLEDGE :-







1.  हिंदुस्तानी महिला पुलिस कर्मियों का सम्मान UN ने किया ।



"UNITED NATIONSने हिंदुस्तानी महिला पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया उनके "SOUTH SUDAN" में किये गए सेवा के लिए। जिनको सम्मानित किया गया हे उनके नाम कुछ इस प्रकार हे:

1. Reena Yadav (Inspector Chandigarh police)
2. Gopika Jahangir (dsp, Maharashtra police)
3. Bharati samantray (DSP,Ministry of Home Affairs)
4. Ragini Kumari (Inspector,Minstry of Home Affairs)
5. Kamal Shekhawat (ASP, Rajasthan police)


 2. ऑस्ट्रेलिया की फ़ास्ट बॉलर "MEGAN SCHUTT" ने अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करवा दिया।

ऑस्ट्रेलियाई फ़ास्ट बॉलर "MEGAN SCHUTT" ने वाइट बाउल क्रिकेट में एक साथ दो हेट-ट्रिक लेने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन चुकी हे। उन्होंने अपनी पहली हेट-ट्रिक हिंदुस्तान के सामने दर्ज की थी।

3. पूर्व बुरॉक्रेटे B.N  YUGANDHAR  का निधन

पूर्व बुरॉक्रेटे और PMO के सेक्रेटरी श्री "B.N.YUGANDHAR" का निधन १४ सितम्बर हुआ हे । उन्होंने PMO के सेक्रेटरी के पद पर MAY 1995 से लेकर MARCH 1997 तक फर्ज निभाय। वह पूर्व प्रधानमंत्री "P.V. NARSIMHA  RAO"  के सेक्रेटरी थे।
"MICROSOFT" कंपनी के वर्त्तमान CEO "SATYA NADELLA" के पिता भी थे।

4."RAI SPORTS UNIVERSITY" अपने पहले चांसलर के तौर पर पूर्व क्रिकेटर कपिल देव को चुना हे 


5. "WORLD BANK" फ़ूड पार्क्स को RS. 3000 करोड़ के लोन्स देगा ।

KNOWLEDGE ABOUT PLACE :-



बड़ा इमामबारा


1. लखनऊ का बारा इमामबाड़ा शहर के सबसे प्रसिद्ध स्मारकों में से एक है। जिस नवाब    ने इसे बनवाया था  उसके नाम पर इसे ”ASFI IMAMBARA” के नाम से भी जाना जाता  हे।    यह मुस्लिमों के लिए पूजा का  एक महत्वपूर्ण स्थान हैजो हर   साल  मुहर्रम के धार्मिक    त्योहार को मनाने के लिए यहां आते हैं।    


2. 
इमामबाड़ा मुख्य रूप से अपने अविश्वसनीय भूलभुलैया के लिए जाना जाता है, जिसे स्थानीय रूप से भुल  भुलैया के रूप में जाना जाता है, जो स्मारक की ऊपरी मंजिल पर स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि भूलभुलैया   के अंदर पहुंचने के लिए 1024 रास्ते हैं लेकिन बाहर आने के लिए केवल 2  


3. 
यह खूबसूरत, शानदार इमारत अवध के 4 नवाब - नवाब आसफ-उद-दौला द्वारा बनाई गई थी और निर्माण   कार्य वर्ष 1784 में शुरू हुआ था। इसे पूरा करने में 14 साल लगे थे और इसे आर्किटेक्ट हाफिज हिदायत  उल्लाह और शाहजहानाबादी ने डिजाइन किया था, जो प्रमुख आर्किटेक्ट थे। उस समय के

4. 
इस भव्य स्मारक के निर्माण की अनुमानित लागत आधे से एक लाख रुपये से दस लाख रुपये के बीच होने  का अनुमान है। निर्माण पूरा होने के बाद भी, नवाब इमामबाड़ा की सजावट पर सालाना चार से पांच हजार  रुपये खर्च  करते थे।  

5. इस विशाल केंद्र के पीछे की कहानी बहुत ही नेक काम पर आधारित है। 18 वीं शताब्दी के दौरान, एक  विनाशकारी अकाल ने अवध एस्टेट को तबाह कर दिया, जब नवाब ने अपने भूखे प्रजा के लिए भोजन  प्रदान करने की योजना के बारे में सोचा। उन्होंने उन्हें शानदार इमारतों का निर्माण करने का फैसला कियाजो बदले में, उन्हें रोजगार और इसलिए भोजन प्रदान करेंगे। इस तरह फूड-फॉर-वर्क के विचार को लागू किया गया। यह मूल और अभी तक कुशल अवधारणा भारत में अभी भी प्रचलित है।



MOTIVATIONAL STORY :-


पुरे दिन का थका हरा में एक चाय की टापरी पे बैठा हुआ था और सोच रहा था की कैसे एक नौकरी पायी जाय ताकि में अपने पिताजी का इलाज कर सकू। वो दिन बोहोत कठिन था क्यूंकि पूरा दिन घूमने और इतना पढ़े लिखे होने के बावजूद मुझे कोय नौकरी नहीं दे रहा था । बस यही सोचते-सोचते में चाय पि रहा था की



पीछे से आवाज आय "भाई बॉलपेन लोगे क्या?"



मेने जब पीछे मुद कर देखा तो वह एक छोटी सी बची खड़ी हुई थी। देखने में काफी दिनों से नहाय न हो ऐसा लग रहा था उसके एक हाथ में फटा हुआ और गन्दा ठेला था उसका दूसरे हाथ में कय सारि बॉलपेन थी और वो हाथ मेरी तरफ आगे बढ़ा हुआ था।

में कुछ परेशान था इसलिए मेने उसे अपने हाथ के इसारे से ही मना कर दिया
वो लड़की बिना कुछ बोले एक छोटी सी मुस्कान दे कर के चली गय
जाकर वो आगे बैठे हुए सभी लोगो को बॉलपेन बेचने की कोशिश करने लगी पर सब लोगो का जवाब समान था जैसे मैंने दिया । सब के  मना करने के बावजूद वो लड़की सबको पूछती थी।
में वह सब देखने लगा आखिर कार मेरे आजु बाजु में बैठे हुए सरे लोगो से उस लड़की ने पूछ लिया लेकिन उसकी बॉलपेन नहीं बिकी और वो कही और जाने के लिए निकल पड़ी ।

तभी मेने उसको बुलाया पहले तो उसे लगा होगा की मुझे बॉलपेन खरीदनी होगी इस लिए वो भाग कर मेरे पास आयी और सीधा हाथ मेरी तरफ आगे बढ़ा दिया मनो वो ऐसा कह रही हो के इनमे से चुन लीजिए आपको कोनसी बॉलपेन चाहिए । मेने उस लड़की को अपने पास में बिठाया और पूछा

"बेटा, आप कब से यह बॉलपेन बेच रहे हो?"

"आज सुबह से!" उस छोटी सी लड़की ने कहा

मेने पूछा "और कितनी बॉलपेन बेचीं आपने?"

कय सारा सोचने के बाद उसने धीरे आवाज से कहा "एक भी बॉलपेन नहीं बेचीं"

मुझे लगा उसे ऐसा पूछने की वजह से वो मायूस हो गयी इस लिए मेने इस विषय पर और आगे कुछ नहीं पूछा मेने कहा "बीटा आपने खाना खाया हे?"

उसने इसारे से "ना" कहा

फिर मेने उसको अच्छा नास्ता करवाया हलाकि पैसे तो मेरे पास भी नहीं थे लेकिन इस बची के दुःख के सामने मेरा दुःख छोटा लग रहा था।

मेने कय देर बाद उससे पूछा के "बेटा, अगर आज के दिन में एक भी बॉलपेन नाही बिकती तो आप कल क्या करोगे?"

उसने जट से कहा "बॉलपेन ही बेंचुंगी"

यह जवाब सुन कर मेरा रोम-रोम खड़ा हो गया क्यूंकि इस बच्ची के हौसले को सलाम था ।
तब मेने एक बात सीखी के "किसी भी चीज़ में हारना पाप नहीं हे, हार मन लेना पाप हे"

"आपको निरंतर प्रयास करना चाहिए जब तक आपको आपकी मंज़िल नहीं मिल जाती"     


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